दरभंगा जिले के दोनों प्रखंड के गांवों की छह हजार महिलाओं में अधिकतर की स्थिति कभी ऐसी थी कि शाम को रोटी नसीब नहीं। आज 3512 महिलाएं 'कमला फम्र्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड' की शेयर होल्डर हैं। महिलाओं द्वारा संचालित इस कंपनी ने बकरी पालन, बीज और अनाज का उत्पादन कर स्वावलंबन की मंजिल तय की है। संघर्ष भरी राह पर चलकर सफलता का सफर तय करने की शुरुआत 2016 में हुई। घनश्यामपुर प्रखंड के लक्ष्मीपुर गांव की गंगा देवी ने दो बकरियों का पालन प्रारंभ किया था। धीरे-धीरे बकरियों की संख्या बढ़ी और उसके दूध से आय होने लगी। देखते ही देखते दस बकरियों का फर्म हाउस गंगा ने स्थापित कर लिया।
गंगा से प्रेरणा लेकर पूरे इलाके में बकरी पालन बड़े पैमाने पर शुरू हो गया। दूसरी महिला कुंती देवी ने इलाके के कल्याना, चनपकरिया, बसौली और छिलकोरा गांव में घूम-घूम कर ग्रामीण महिलाओं को बकरी पालन के लिए प्रेरित करना शुरू किया। 500 परिवारों को उन्होंने बकरी पालन से जोड़ा है।
पौनी गांव की लालो देवी, तरवारा की शारदा देवी सहित 6640 परिवारों की महिलाएं आज बकरी पालन से जुड़ी हैं। महिलाओं ने जब सफलता की सीढिय़ां चढऩी शुरू की तो राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक (नाबार्ड) ने उन्हें बकरी पालन के लिए सहायता देकर मंजिल तक पहुंचाया। लघु, सीमांत और बटाईदार महिला किसानों के हित के लिए कार्य करने वाली इस कंपनी में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर भी महिलाएं ही हैं। नूतन भी उनमें से एक है। पिछले दिनों राजधानी में जब नाबार्ड ने नूतन को प्रशस्ति-पत्र दिया, तब इनके साथ गांवों में काम करने वाली महिलाएं भी 'संघर्ष को सम्मान से झूम उठीं।



“Thank you so much for sharing all this wonderful info with the how-to's!!!! It is so appreciated!!!”